Sunday, March 25, 2012

सब में है हीरो SAB ME HAI HERO

सब में है हीरो,
                       प्रिय मित्रो आप सभी को राजेश भारद्वाज का स्नेह भरा नमस्कार !
                       मित्रों हम सभी के मन में कही न कही एक हीरो या नायक होने का भाव छुपा   होता  है.इसी भाव के साथ हम सर उठा के जीते है.नायक या हीरो होने का अर्थ है मन में कुछ सकारात्मक करने  या अच्छा बनने की भावना!
                        युवा मित्रो में हीरो होने का भाव ज्यादा प्रबल होना चाहिए.जीवन में उन्हें बहुत कुछ करना है.भविष्य में कुछ बनना है.लक्ष्य हासिल कैसे करेंगे जब सही दिशा में प्रयास करेंगे.
                        हीरो होने की भावना ही हमें समाज के लिए या देश के लिए कुछ कर गुजरने के लिए प्रेरित करती है.जैसे आज के समय में श्री अन्ना हजारे जी हम लोगो के हीरो और सभी भारत वासियों की आँख के तारे बने हुए है.
                       मित्रो मेरा आपसे अनुरोध है की अपने स्तर पर हमेशा समाज और देश के लिए यथा संभव अच्छे कार्य करने  का प्रयास करना चाहिए.अब सोचने का समय समाप्त हो चुका है - अब कुछ कर दिखने का वक्त है

Saturday, December 31, 2011

नव वर्ष की शुभ कामनाये HAPPY NEW YEAR

नव वर्ष की शुभ कामनाये,
                                     प्रिय मित्रो !
                                     आपको विशेषकर युवा मित्रो को मेरी और से नव वर्ष की शुभ कामनाये *
                                     मित्रो नया वर्ष आता है और साथ में खुशिया लाता है,और युवा मित्रो के लिए नयी -नयी चुनोतिया लाता है.मित्रो मेरा आपसे अनुरोध है चाहे साधनों की कितनी भी कमी हो.कितनी भी रूकावटे हो हमें पूर्ण क्षमता के साथ एवं उत्साह के साथ लक्ष्य की पूर्ति हेतु प्रयास करना है.
                                     लक्ष्य की पूर्ति हेतु प्रयास प्रारंभ करना ही सफलता ही पहली सीढ़ी है.मित्रो जैसे ही हम प्रयास प्रारंभ करते है समझो की आधी सफलता हमें मिल गयी.सही दिशा में किये गए प्रयास हमें सफलता की और ले जाते है .
                    आप सभी को पुनः नए वर्ष २०१२ की हार्दिक शुभ कामनाये .

Friday, November 25, 2011

कुछ RIGID हो जाएँ

कुछ RIGID हो जाएँ !
                                मित्रों आप सभी को राजेश भारद्वाज का स्नेह भरा नमस्कार!
                                मित्रो आज हमारी प्रवृति समझोतावादी हो गयी है.जीवन की हर समस्या को हम टालने की प्रवृत्ति रखते है.मै उदाहरण के रूप में आपको हमारे शहरों की प्रमुख समस्या की और आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ.हमारे शहरों में विभिन्न स्थानों पर कूड़े कचरे के ढेर पड़े होते है - ज्यादातर हम नाक पर रूमाल रख कर निकल जाते है.

                              मै अपने ब्लॉग के माध्यम से इस समस्या के निराकरण हेतु कुछ सुझाव देना चाहता हूँ.हमारे धरम गुरुओ के बड़ी संख्या में शिष्य है,जो उनके इशारे पर कुछ भी करने को तत्पर रहते है.अभी कुछ दिनों पूर्व संत राम रहीम जी ने जयपुर में एक दिन का अभियान चला कर जयपुर की सफाई हेतु अभियान चलाया.मेरी दृष्टि में एक अनुकर्णीय व् सराहनीय प्रयास है.इसी प्रकार बाड़मेर राज के जिलाधीश ने जन सहयोग से शहर की सफाई हेतु अभियान चला कर जनता को अच्छा सन्देश दिया है.
                          इसी प्रकार यदि हम शहर की स्वछता हेतु सजग रहे तो काफी हद तक तो शहरों की छवि में सुधार कर सकते है!कुछ RIGID हो कर हम कूड़े को सही स्थान पर डाले.अपने बच्चो को भी इस बारे में जागरूक करे तब ही कुछ देश की बेहतर तस्वीर बन सकती है *

Wednesday, October 19, 2011

HAPPY DIWALI

हैप्पी दिवाली
                    मित्रों साथियों दोस्तों आप सभी  को हैप्पी दिवाली!
                    आज मै अपने छोटे छोटे प्यारे प्यारे दोस्तों से कुछ बाते शेयर करना चाहता हूँ.दोस्तों दीवाली मनानी है! जोर शोर के साथ मनानी है.पटाखे फुलझरी जलाने है और आप के घर में शायद कुछ स्वीट बन रही है मुझे उसकी खुशबु आ रही है.तो खूब दीवाली का फेस्टिवल एन्जॉय करने के लिए हम सब तैयार है.अरे रे रे ये किसने जोर से अटम बोम्ब चलाया मेरे कान में अभी तक धमाके की आवाज गूँज रही है.अरे भाई कम आवाज वाले पटाखे चलाइये किसी को तेज आवाज से तकलीफ हो सकती है.
                रोशनी करने वाली आतिशबाजी  मुझे अच्छी  लगती है,रोशनी की बात से याद आया आप के पड़ोस में रहने वाले गरीब बच्चो के पास शायद पटाखे कपडे आदि नहीं होते है,आप उनकी मदद कर उनके जीवन में भी रोशनी कर सकते है.कुछ पटाखे प्रदुषण    भी फैलाते है इनका इस्तेमाल भी कम से कम करे.
                  एक बार फिर सभी मित्रो को दिवाली की शुभकामनाये!
                  खूब एन्जॉय करे जो मित्र इंडिया से बाहर रहते है उन्हें दिवाली की बहुत बहुत शुभकानाए  शेष फिर !    

                आपका मित्र राजेश भरद्वाज          

Wednesday, October 5, 2011

जिद करो दुनिया बदलो

जिद करो दुनिया बदलो,
                                     मित्रो आप सभी को राजेश भारद्वाज का स्नेह भरा नमस्कार!
                                     मित्रो वैसे सामान्यतः जिद करना अच्छा नहीं माना    जाता है,परन्तु यदि हम जिद को एक संकल्प के रूप में देखे तो बहुत सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे.
                                      जो जीवन में हमारा लक्ष्य है चाहे वह लक्ष्य हमें बड़ा या कठिन प्रतीत होता परन्तु यदि हम मन में दृढ इच्छा शक्ति के साथ उसे पूरा करने का प्रयास करेंगे, तो उस लक्ष्य को हम अवश्य प्राप्त कर लेंगे.एक जिद के साथ, एक संकल्प शक्ति के साथ पूरी ताकत और सामर्थ्य के साथ उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमें जुट जाना चाहिए.फिर कोई भी कठिन लक्ष्य हो हमें सफलता अवश्य मिलेगी.
                                      लक्ष्य प्राप्ति के मार्ग में यदि छोटी या बड़ी बाधाएं आए हमें दृढ़ता के साथ उनका समाधान करना चाहिए.एक जिद्दी बच्चे की तरह अपनी जिद या संकल्प को अवश्य पूरा करना चाहिए.
                                      संकट में हे धीर वीर तू बढ़ता चल!
                                      बाधाओ को चिर वीर   तू बढ़ता चल !!

Saturday, August 27, 2011

अन्ना हजारे की जीत VICTORY OF ANNA HAJARE

अन्ना हजारे की जीत,
                                  मित्रो अन्ना हजारे दृढ संकल्प के साथ अनशन पर बैठे है.जन लोक पाल को लागू करने के लिए सारे देश से विशेष कर युवा वर्ग से उन्हें भरपूर समर्थन मिल रहा है.देश का आम नागरिक जो भ्रष्टाचार से जूझ रहा  है अन्ना के साथ है.जनता चाहती है जो पैसा वह सरकार को टैक्स के रूप में देती है,वो पैसा सरकार ईमानदारी से विकास कार्यो में लगाये.रोज मर्रा के कामो के लिए उसे रिश्वत न देनी पड़े. 
                                विपक्षी दल आधे अधूरे  मन से अन्ना का साथ देने का दम भर रहे है.उन्हें अन्ना का खुले मन से समर्थन करना चाहिए.भ्रष्टाचार से देश के लोग मुक्ति चाहते है ये बात सभी राजनैतिक दलों को समझ लेनी चाहिए.
                                 आइये हम सब अन्ना और आम जनता की जीत के लिए उनका साथ दे
                                 

                  

Sunday, August 14, 2011

PUSTAK MITRA पुस्तक मित्र


 पुस्तक मित्र,

मित्रो आप सभी को राजेश भारद्वाज का स्नेह भरा नमस्कार !

वर्त्तमान समय में हम सभी मनोरंजन के लिए टी वी देखते है या कंप्यूटर पर सर्फिंग करते है या नेट पर चेटिंग करते है.परन्तु मेरा ये मानना है की पुस्तके हमें सही मार्ग दर्शन देती है,पुस्तके ही सच्ची  मित्र है.महापुरुषों की जीवनी पढ़ कर हमें जीने की सही राह  मिलती है,अच्छा साहित्य हमारा स्वस्थ मनोरंजन करता है.

पुस्तको को हम यात्रा के दोरान पढ़ कर हम समय व्यतीत कर सकते है.अवकाश के समय में भी पुस्तके बेहतर साथी होती है.वर्तमान में युवा पीढ़ी पुस्तकों से दूर होती जा रही है.बर्थ डे आदि  अवसरों पर सभी आयु वर्ग के लोगो को उनकी रूचि के अनुसार पुस्तके भेट में दी जा सकती है.बच्चो को कॉमिक्स युवा वर्ग को प्रतियोगिता में सफलता पाने की पुस्तके तो बुजुर्ग लोगो को धार्मिक पुस्तके भेट में दी जा सकती है.

अच्छी पुस्तके हमें निराश से आशापूर्ण जीवन की और ले जाती है.

अच्छी पुस्तके पढ़िए  आगे बढिए